कुंडली में चंद्र राशि और सूर्य राशि तो जानी-पहचानी हैं, पर लग्न को अक्सर कम समझा जाता है, जबकि यह कुंडली की नींव है।
लग्न क्या होती है
जन्म के ठीक समय, पूर्व क्षितिज पर जो राशि उदय हो रही होती है, वही लग्न (Ascendant) कहलाती है। यह जन्म समय और स्थान, दोनों पर निर्भर करती है, इसीलिए एक ही दिन जन्मे दो व्यक्तियों की लग्न अलग हो सकती है।
भावों की नींव
कुंडली के सभी 12 भाव (घर) लग्न से ही गिने जाते हैं। लग्न पहला भाव है, और यहीं से नौ ग्रहों की स्थिति सहित व्यक्ति, स्वास्थ्य, धन, परिवार जैसे सभी क्षेत्रों की गणना शुरू होती है।
जन्म समय की सटीकता क्यों ज़रूरी है
लग्न हर 2 घंटे में बदल जाती है, इसलिए जन्म समय में थोड़ी सी भी ग़लती लग्न को बदल सकती है। यही वजह है कि सटीक जन्म समय जानना कुंडली के लिए बेहद ज़रूरी है।
लग्न, चंद्र राशि और सूर्य राशि में फ़र्क़
लग्न जन्म समय से, चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से, और सूर्य राशि (पश्चिमी राशिफल में इस्तेमाल होने वाली) सिर्फ जन्मतिथि से तय होती है। भारतीय परंपरा में ज़्यादातर पूजा और राशिफल चंद्र राशि पर आधारित हैं, जबकि व्यक्तित्व और शारीरिक बनावट के लिए लग्न को ज़्यादा अहम माना जाता है। तीनों अलग-अलग जानकारी देते हैं, इन्हें आपस में मिलाना ग़लत मिलान की ओर ले जा सकता है।
अपनी लग्न जानें
लग्न कैलकुलेटर पर अपनी लग्न जानें, या जन्म कुंडली टूल पर अपना सटीक जन्म विवरण डालकर लग्न सहित पूरी कुंडली मुफ़्त में देखें।