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शुभ-अशुभ समय

आज का राहु काल

आज राहु काल कब शुरू और खत्म होता है, अपने शहर के अनुसार। साथ में यमगण्ड और गुलिक काल भी। सटीक खगोलीय गणना, मुफ़्त।

राहु काल क्या है?

राहु काल दिन के आठ बराबर हिस्सों में से एक है, जो सप्ताह के दिन के अनुसार तय होता है और परंपरागत रूप से नए शुभ कार्य (यात्रा शुरू करना, नया व्यापार, गृह प्रवेश) शुरू करने के लिए टाला जाता है।

यह हर दिन बदलता है क्योंकि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर और मौसम के साथ बदलता है, इसलिए राहु काल का सही समय जानने के लिए अपने शहर का सूर्योदय-सूर्यास्त ज़रूरी है, कोई तय घड़ी का समय नहीं।

यमगण्ड और गुलिक काल भी इसी तरह दिन को आठ हिस्सों में बाँटकर तय होने वाले, परंपरागत रूप से कम शुभ माने जाने वाले दो और समय-खंड हैं।

सामान्य प्रश्न

राहु काल से जुड़े सवाल

राहु काल रोज़ एक ही समय पर क्यों नहीं होता? +

राहु काल दिन के आठ बराबर हिस्सों में से एक है, और दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक मापा जाता है। सूर्योदय-सूर्यास्त का समय शहर, मौसम और सप्ताह के दिन के साथ बदलता है, इसलिए राहु काल की शुरुआत और अवधि भी हर दिन थोड़ी बदलती है।

क्या राहु काल में कोई भी काम नहीं करना चाहिए? +

परंपरागत रूप से इसे नए शुभ कार्य (यात्रा शुरू करना, नया व्यापार, गृह प्रवेश) शुरू करने के लिए टाला जाता है। रोज़मर्रा के काम, दफ़्तर का काम या पहले से शुरू किया गया काम जारी रखने पर आमतौर पर यह लागू नहीं माना जाता।

यमगण्ड और गुलिक काल में क्या अंतर है? +

तीनों ही दिन को आठ बराबर हिस्सों में बाँटकर तय होते हैं, पर सप्ताह के हर दिन के लिए अलग हिस्से में आते हैं। तीनों परंपरागत रूप से नए शुभ कार्य के लिए कम अनुकूल माने जाते हैं, राहु काल सबसे ज़्यादा जाना-पहचाना है।

क्या यह मुफ़्त है? +

हाँ, पूरी तरह मुफ़्त। अपने शहर का राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल देखें, कोई शुल्क नहीं।