“36 में से कितने गुण आए?” — मिलान के बाद सबसे पहला सवाल यही होता है। पर अंक का सही अर्थ समझना ज़रूरी है।
अंक की पारंपरिक व्याख्या
- 18 से कम — सामान्यतः कम अनुकूलता
- 18–24 — स्वीकार्य
- 25–32 — अच्छी
- 33–36 — उत्तम
ये वर्णनात्मक श्रेणियाँ हैं, कोई आदेश नहीं।
अंक अकेले काफ़ी नहीं
ऊँचा अंक होने पर भी यदि नाड़ी दोष हो तो उसे साफ़ पास नहीं माना जाता। इसीलिए हम अंक के साथ हर दोष को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं। मांगलिक स्थिति के लिए देखें मांगलिक दोष।
गणना कैसे होती है
हर कूट की गणना अष्टकूट विधि से होती है, और संख्या पूरी तरह Swiss Ephemeris आधारित सटीक चंद्र-गणना से आती है — कोई अनुमान नहीं।
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यह जानकारी वर्णनात्मक है; यह विवाह का निर्णय नहीं देती।