वसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजा विद्या, संगीत और कला के आशीर्वाद के लिए की जाती है। तारीख के लिए वसंत पंचमी मुहूर्त लेख देखें।

पूजा सामग्री

  • सरस्वती जी की मूर्ति या तस्वीर, पीला वस्त्र
  • पीले फूल, विशेषकर गेंदा और सरसों का फूल
  • किताबें, कलम, वाद्य यंत्र (पूजा में रखने के लिए)
  • केसर चावल या पीली मिठाई का भोग

विधि

  1. सुबह स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
  2. सरस्वती जी की मूर्ति के सामने चौकी सजाकर पीले फूल और वस्त्र अर्पित करें।
  3. अपनी किताबें, कलम या वाद्य यंत्र मूर्ति के पास रखें, ताकि माँ सरस्वती का आशीर्वाद मिले।
  4. केसर चावल या पीली मिठाई का भोग लगाएं।
  5. सरस्वती वंदना का पाठ करें और आरती करें।

विद्यारंभ संस्कार

छोटे बच्चों को इस दिन पहली बार अक्षर लिखना सिखाया जाता है, इसे विद्यारंभ या अक्षर अभ्यासम कहा जाता है, कई परिवारों में यह एक विशेष संस्कार माना जाता है।

सरस्वती वंदना

या कुंदेन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता।

स्कूल और घर दोनों जगह

कई स्कूलों में इस दिन सामूहिक सरस्वती पूजा होती है, बच्चे पीले कपड़े पहनकर आते हैं और पहली बार कलम या पेंसिल पकड़ने की रस्म शिक्षक की मदद से निभाते हैं। घर पर यह रस्म दादा-दादी या माता-पिता बच्चे की उंगली पकड़कर अक्षर लिखवाकर पूरी करते हैं, आमतौर पर “ॐ” या बच्चे के नाम का पहला अक्षर लिखा जाता है।