वसंत पंचमी 2027, गुरुवार, 11 फ़रवरी को माघ शुक्ल पंचमी पर है।
यह दिन क्या दर्शाता है
यह दिन देवी सरस्वती और वसंत के आगमन का सम्मान करता है। शिक्षा, संगीत और कला से जुड़े लोग इसे विशेष रूप से मनाते हैं, पीले कपड़े और पीले रंग के भोजन के साथ, जो इस दिन की परंपरा है। कई स्कूलों में इसी दिन बच्चों की पहली अक्षर-लेखन रस्म, विद्यारंभ संस्कार, भी कराई जाती है।
पूजा में क्या शामिल होता है
सरस्वती जी की मूर्ति के आगे पीले फूल, बेर और खिचड़ी चढ़ाई जाती है। किताबें, वाद्य यंत्र और कलम मूर्ति के पास रखकर पूजे जाते हैं, नई पढ़ाई या कला की शुरुआत इस दिन शुभ मानी जाती है। पंजाब में इसे पतंगबाज़ी के साथ भी मनाया जाता है, वहां यह मौसम बदलाव का उत्सव भी है।
पूजा कब की जाती है
पूजा पंचमी तिथि के दौरान सुबह की जाती है, इसके लिए कोई ख़ास प्रदोष-जैसी खिड़की नहीं है। ज़्यादातर परिवार सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले का समय चुनते हैं।
अपने शहर के लिए टाइमिंग जाँचें
उस दिन के राहु काल के लिए अपना शहर चुनकर मुहूर्त पेज देखें। पंचमी तिथि की अवधि पंचांग पेज पर भी देखी जा सकती है।