साल भर का रुझान समझने के लिए सबसे धीमे चलने वाले ग्रह, शनि की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शनि और साढ़े साती
शनि एक राशि में लगभग ढाई साल रहते हैं। जब शनि किसी राशि से 12वें, 1वें या 2वें घर में हो, तो उसे साढ़े साती कहा जाता है, यह क़रीब साढ़े सात साल का चक्र है। 4वें और 8वें घर में शनि की स्थिति को छोटी ढैय्या कहा जाता है।
साढ़े साती का मतलब बुरा होना नहीं
साढ़े साती को अक्सर डर के साथ जोड़ा जाता है, पर पारंपरिक रूप से यह मेहनत और सब्र मांगने वाला दौर है, स्थायी नुक़सान का संकेत नहीं।
गुरु की राशि भी देखी जाती है
साल के व्यापक विषय के लिए गुरु किस राशि में हैं, यह भी साथ में देखा जाता है, वही गुरु गोचर जो मासिक राशिफल में भी दिखता है।
तीन चरणों में साढ़े साती
साढ़े साती को तीन ढाई-ढाई साल के चरणों में बांटा जाता है, पहला चरण (12वां घर) मानसिक तैयारी और खर्चों का, दूसरा (राशि पर सीधा) सबसे भारी माना जाने वाला मुख्य चरण, और तीसरा (2वां घर) धीरे-धीरे राहत का। हर चरण में अलग तरह की सावधानी बरतने की परंपरागत सलाह दी जाती है, इसलिए सिर्फ यह जानना काफी नहीं कि साढ़े साती चल रही है, यह जानना भी ज़रूरी है कि कौन सा चरण चल रहा है।
अपनी राशि का वार्षिक राशिफल देखें
राशिफल पर अपनी राशि चुनें और “वार्षिक” टैब खोलें, जहाँ आपकी साढ़े साती स्थिति भी दिखती है।