शनि 30 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 3 जून 2027 तक वहीं रहेंगे (इसके बाद भी थोड़े समय के लिए वापस मीन में आते हैं, अक्टूबर 2027 से फरवरी 2028 तक, वक्री गति के कारण)। इसका मतलब है कि पूरे 2026 में साढ़े साती और ढैय्या की स्थिति एक जैसी रहेगी।
साढ़े साती क्या है, इसकी बुनियादी जानकारी अलग से समझाई गई है। यहां सिर्फ 2026 के लिए किन राशियों पर असर है, वह बताया गया है।
2026 में साढ़े साती किन राशियों पर
- मीन राशि: द्वितीय चरण (शिखर): साढ़े साती का सबसे भारी हिस्सा
- मेष राशि: प्रथम चरण (उदय): साढ़े साती की शुरुआत
- कुंभ राशि: तृतीय चरण (अस्त): साढ़े साती खत्म होने की ओर
2026 में ढैय्या किन राशियों पर
- सिंह राशि
- धनु राशि
कब तक रहेगी
शनि के मीन में रहने तक यह स्थिति लगभग एक जैसी बनी रहेगी, यानी जून 2027 तक। इसके बाद शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे और साढ़े साती व ढैय्या की स्थिति नई राशियों पर शिफ्ट हो जाएगी।
किस चरण में क्या अपेक्षा रखें
उदय चरण (मेष राशि के लिए 2026 में) आमतौर पर मानसिक तैयारी और छोटे-मोटे बदलावों का समय माना जाता है। शिखर चरण (मीन राशि के लिए) परंपरा में सबसे भारी और परीक्षा लेने वाला दौर माना जाता है, यहां धैर्य और अनुशासन की सलाह दी जाती है। अस्त चरण (कुंभ राशि के लिए) धीरे-धीरे राहत और सीखे गए सबक के फल मिलने का समय माना जाता है।
अपनी राशि जांचें
यह चंद्र राशि पर आधारित सामान्य जानकारी है। अपनी सटीक जन्म कुंडली के आधार पर साढ़े साती की स्थिति कुंडली टूल पर जन्म विवरण डालकर देखी जा सकती है।