राम नवमी पर श्रीराम दरबार की पूजा मध्याह्न काल में की जाती है। तारीख के लिए राम नवमी मुहूर्त लेख देखें।
पूजा सामग्री
- राम दरबार की मूर्ति या तस्वीर (राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान)
- तुलसी दल, पंचामृत
- फल, पंजीरी या खीर का भोग
- रामचरितमानस या रामायण की प्रति
विधि
- सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- राम दरबार के सामने चौकी सजाकर तुलसी और पंचामृत अर्पित करें।
- मध्याह्न काल में जन्मोत्सव मनाएं, आरती करें और शंख बजाएं।
- पंजीरी या खीर का भोग लगाएं और प्रसाद बांटें।
- चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन होने से इसी दिन कन्या पूजन भी संपन्न किया जाता है।
अखंड पाठ
कई परिवार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से शुरू किया रामचरितमानस का पाठ राम नवमी के दिन पूर्ण करते हैं।
मुख्य मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
अगर पूरा पाठ संभव न हो
नौ दिन का अखंड पाठ हर घर में संभव नहीं, खासकर कामकाजी परिवारों के लिए। ऐसे में सिर्फ राम नवमी के दिन सुंदरकांड या रामरक्षा स्तोत्र का एक पाठ भी पर्याप्त माना जाता है। कई मंदिर और सामुदायिक संगठन सामूहिक अखंड पाठ का आयोजन करते हैं, जिसमें अलग-अलग परिवार बारी-बारी से एक-एक अध्याय पढ़ने की जिम्मेदारी लेते हैं, यह व्यक्तिगत भार को हल्का कर देता है।