राम नवमी 2027, गुरुवार, 15 अप्रैल को चैत्र शुक्ल नवमी पर है, जो चैत्र नवरात्रि का नौवाँ और अंतिम दिन भी है।
यह दिन क्या दर्शाता है
यह दिन भगवान श्री राम के जन्म का उत्सव है। परंपरागत रूप से माना जाता है कि उनका जन्म मध्याह्न (दोपहर) में हुआ था, इसीलिए दोपहर की पूजा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन पड़ने के कारण यह पर्व कन्या पूजन और व्रत-पारण से भी जुड़ जाता है।
पूजा और उत्सव
सुबह से रामचरितमानस का पाठ शुरू होकर मध्याह्न की आरती पर समाप्त होता है। बाल-राम की मूर्ति को झूले में सजाया जाता है, तुलसी-पंचामृत का भोग चढ़ता है। अयोध्या में सरयू नदी पर स्नान और भव्य शोभायात्रा होती है, जिसे विदेश में बैठे कई परिवार लाइव स्ट्रीम पर देखते हैं।
पूजा कब की जाती है
जन्म मध्याह्न काल के दौरान मनाया जाता है, उसी समय आरती की जाती है। यह खिड़की सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के मध्य बिंदु के आसपास आती है, दिन का ठीक बीचोंबीच हिस्सा।
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