नई दुकान का उद्घाटन हो, कंपनी की रजिस्ट्रेशन हो या पहला बिल काटना हो, व्यापार की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त देखने का चलन खासकर व्यापारी परिवारों में मज़बूत है।

कौन सी तिथि और वार अनुकूल मानी जाती है

शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी और एकादशी तिथियां शुभ मानी जाती हैं। बुधवार और गुरुवार को व्यापार के लिए विशेष रूप से अनुकूल गिना जाता है, क्योंकि इन दिनों के स्वामी ग्रह बुध और गुरु व्यापार-बुद्धि से जुड़े माने जाते हैं। धनतेरस और अक्षय तृतीया पर नया बहीखाता शुरू करना पूरे साल शुभ माना जाता है।

किन तिथियों से बचें

अमावस्या, रिक्ता तिथियां (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), भद्रा काल और राहु काल में उद्घाटन टाला जाता है।

उद्घाटन के दिन क्या किया जाता है

नई दुकान या ऑफिस के उद्घाटन पर गणेश-लक्ष्मी की पूजा, नारियल फोड़ना और मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाना पारंपरिक रस्में हैं। पहला ग्राहक या पहला बिल शुभ मुहूर्त में काटने की कोशिश की जाती है, इसे बोहनी कहा जाता है, माना जाता है कि दिन की पहली बिक्री पूरे दिन का रुख तय करती है।

अपनी तारीख को दिन के हिसाब से जांचें

तारीख तय करने के बाद, उसी दिन के भीतर राहु काल और अभिजित मुहूर्त अलग-अलग समय पर पड़ते हैं। अपने शहर के लिए सही समय जानने के लिए मुहूर्त पेज पर शहर चुनकर उस दिन का राहु काल और अभिजित मुहूर्त देखें, और उद्घाटन राहु काल हटाकर शुभ चौघड़िया में रखें।

अंतिम फैसला आपका

अगर पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त किसी व्यावहारिक कारण से संभव न हो, जैसे लीज़ की तारीख या स्टाफ की उपलब्धता, तो नज़दीकी उपलब्ध शुभ दिन चुनना भी स्वीकार्य माना जाता है।