“मेरा लकी नंबर क्या है” यह सवाल आमतौर पर मूलांक से जुड़ा होता है, किसी अनुमान से नहीं।
मूलांक से शुभ अंक तक
हर मूलांक (1 से 9) का एक स्वामी ग्रह होता है। जैसे मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, मूलांक 6 का शुक्र। हर ग्रह से जुड़े कुछ “मित्र अंक” होते हैं जिन्हें उस मूलांक के लिए शुभ माना जाता है।
शुभ रंग और दिन भी साथ आते हैं
शुभ अंक अकेला नहीं आता, इसके साथ शुभ रंग और शुभ दिन भी उसी स्वामी ग्रह से तय होते हैं। जैसे सूर्य से जुड़े मूलांक के लिए रविवार और सुनहरा रंग शुभ माने जाते हैं।
मूलांक बनाम भाग्यांक
मूलांक जन्मतिथि के दिन के अंक से बनता है, जबकि भाग्यांक पूरी जन्मतिथि (दिन, महीना, साल) जोड़कर निकाला जाता है। कई लोग दोनों को एक समझ लेते हैं, पर अंक ज्योतिष में दोनों अलग-अलग भूमिका निभाते हैं, मूलांक स्वभाव और तुरंत के फल बताता है, भाग्यांक जीवन की बड़ी दिशा। शुभ अंक चुनते समय दोनों को साथ देखना ज़्यादा सटीक माना जाता है।
शुभ अंक का व्यावहारिक इस्तेमाल
फोन नंबर, गाड़ी नंबर या घर नंबर चुनते समय कई लोग अंक जोड़कर मूलांक से मिलान करते हैं। ध्यान रहे, यह पूरी तरह वैकल्पिक अभ्यास है, न कि कोई सख्त नियम, इसे एक अतिरिक्त संकेत की तरह लें, निर्णायक फैसले की तरह नहीं।
अपना शुभ अंक देखें
अंक ज्योतिष टूल पर जन्मतिथि डालते ही आपका मूलांक, स्वामी ग्रह, शुभ रंग, शुभ दिन और मित्र अंक तुरंत सामने आ जाते हैं।