हरियाली तीज पर सुहागिनें सोलह श्रृंगार करके माँ पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। तारीख और मुहूर्त के लिए हरियाली तीज मुहूर्त लेख देखें, यह लेख पूजा विधि पर केंद्रित है।
पूजा सामग्री
- शिव-पार्वती की मूर्ति या चित्र, चौकी और हरा वस्त्र
- सोलह श्रृंगार का सामान: मेहंदी, चूड़ियाँ, सिंदूर, बिंदी, काजल, बिछिया
- कच्चा सूत, नारियल, सुपारी, अक्षत
- घेवर, फेनी या अन्य सावन की मिठाई
- फूल, दीपक, धूप, कपूर
पूजा विधि
- स्नान कर हरे वस्त्र और सोलह श्रृंगार धारण करें।
- शिव-पार्वती की मूर्ति के सामने चौकी सजाकर घी का दीपक जलाएं।
- माँ पार्वती को मेहंदी, चूड़ियाँ और श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
- घेवर-फेनी का भोग लगाएं और आरती करें।
- तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
- सखियों संग झूला झूलें और तीज के गीत गाएं।
व्रत कथा का सार
कथा के अनुसार माँ पार्वती ने 107 जन्मों तक कठोर तप कर 108वें जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाया। इसी तप के स्मरण में यह व्रत रखा जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ही व्रत करें, गर्भवती या अस्वस्थ महिलाएं फलाहार का विकल्प चुन सकती हैं।
विदेश में यह विधि निभाना
जहां झूला डालना संभव न हो, वहां कई महिलाएं बालकनी या घर के भीतर सोलह श्रृंगार करके सहेलियों के साथ वीडियो कॉल पर तीज के गीत गाकर उत्सव मनाती हैं। हरा वस्त्र और चूड़ियां भारतीय दुकानों या ऑनलाइन आसानी से मिल जाती हैं, घेवर न मिले तो कोई भी सावन-थीम की मिठाई विकल्प बन सकती है, भावना असली सामग्री से बड़ी है।