हनुमान जयंती 2027 में 20 अप्रैल, मंगलवार को है, चैत्र पूर्णिमा के दिन।

पर्व का महत्व

यह बल, भक्ति और सेवा के प्रतीक हनुमान जी के जन्म का उत्सव है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ, और मूर्ति पर सिंदूर-चोला चढ़ाने की परंपरा विशेष फलदायी मानी जाती है। कुछ क्षेत्रों में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, कुछ में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को, यह क्षेत्रीय पंचांग परंपरा पर निर्भर करता है, इसलिए किसी दूसरी वेबसाइट या पंचांग पर अलग तारीख दिखे तो घबराने की बात नहीं।

पूजा में क्या करें

मूर्ति पर सिंदूर और चांदी का वर्क मिलाकर चोला चढ़ाया जाता है, यह परंपरा उस कथा से जुड़ी है जहां हनुमान जी ने सीता माता को सिंदूर लगाते देख पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया था। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाते हैं, और मंदिरों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ होता है। मंगलवार और शनिवार वैसे भी हनुमान जी के दिन माने जाते हैं, इसलिए जब जयंती मंगलवार को पड़े तो इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पूजा का सामान्य समय

पूजा सुबह के समय की जाती है, मंगलवार होने से यह दिन हनुमान जी की आराधना के लिए और भी शुभ माना जा रहा है। कई भक्त सूर्योदय के तुरंत बाद पाठ शुरू करना पसंद करते हैं।

अपने शहर के लिए समय जांचें

मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का राहु काल देखें, ताकि पूजा उस खिड़की से बाहर रखी जा सके।