गुरु (बृहस्पति) एक राशि में लगभग एक साल रहते हैं, इसलिए हर साल कुछ नई राशियों के लिए गुरु का गोचर शुभ अवधि में आता है। 2026 में गुरु दो बार राशि बदलेंगे।

2026 में गुरु की चाल

  • 1 जनवरी 2026 को गुरु मिथुन राशि में हैं (दिसंबर 2025 से)
  • 2 जून 2026 को गुरु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे
  • 1 नवंबर 2026 को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे (जनवरी 2027 में थोड़े समय के लिए वक्री होकर वापस कर्क में जाते हैं, फिर जून 2027 से स्थायी रूप से सिंह में)

गुरु गोचर में कौन सी स्थिति शुभ मानी जाती है

परंपरा में गुरु की स्थिति चंद्र राशि से 2, 5, 7, 9 और 11वें घर में होने पर शुभ मानी जाती है।

जून से नवंबर 2026 तक (गुरु कर्क में)

मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशियों के लिए गुरु का गोचर अनुकूल माना जाता है।

नवंबर 2026 के बाद (गुरु सिंह में)

मेष, कर्क, तुला, धनु और कुंभ राशियों के लिए गुरु का गोचर अनुकूल माना जाता है।

गुरु गोचर सामान्य, चंद्र-राशि आधारित रुझान देता है। अपनी राशि का विस्तृत वार्षिक राशिफल यहां देखें, जिसमें शनि की स्थिति भी शामिल की जाती है। सभी 12 राशियों के लिए 2026 का पूरा विश्लेषण राशिफल 2026 पेज पर, और गुरु आज ठीक किस राशि में है, यह गोचर पेज पर लाइव देखें।

गुरु गोचर का व्यावहारिक असर

जिन राशियों के लिए गोचर अनुकूल हो, उनके लिए यह समय शिक्षा, विवाह, यात्रा और वित्तीय विस्तार से जुड़े फैसलों के लिए बेहतर माना जाता है, क्योंकि गुरु को ज्ञान, विस्तार और समृद्धि का कारक माना जाता है। इसके उलट, प्रतिकूल स्थिति में नए बड़े निवेश या जोखिम भरे फैसलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह पारंपरिक रूप से दी जाती है, हालांकि यह सामान्य दिशा है, व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण अलग तस्वीर दिखा सकता है।