दशहरा (विजयादशमी) 2027, शनिवार, 9 अक्टूबर को अश्विन शुक्ल दशमी पर है।

यह दिन क्या दर्शाता है

यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो भगवान राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत को याद करता है। नौ दिन की नवरात्रि के बाद दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है, इसीलिए इसे दशहरा कहा जाता है। उत्तर भारत में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं बंगाल में इसी दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन होता है, और मैसूर में शाही जुलूस निकलता है।

शस्त्र पूजा और नई शुरुआत

इस दिन शस्त्र पूजा की परंपरा भी है, हथियारों और औज़ारों की पूजा कर उन्हें आगामी वर्ष के लिए शुभ माना जाता है। कारोबारी नई बहीखाता शुरू करते हैं, विद्यार्थी नई किताबों की पूजा करते हैं। दशहरा को बिना पंचांग जांचे भी शुभ मुहूर्त माना जाता है, इसे साल के साढ़े तीन सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है, इसलिए नई गाड़ी, घर की चाबी या व्यापार शुरू करने के लिए यह लोकप्रिय तारीख है।

विजय मुहूर्त का समय

रावण दहन और शस्त्र पूजा परंपरागत रूप से अपराह्न काल में की जाती है, सटीक मिनट आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है। विजय मुहूर्त आमतौर पर दिन के अंतिम पहर में, सूर्यास्त से ठीक पहले आता है, जब भगवान राम ने रावण पर विजय पाई थी।

अपने शहर की टाइमिंग जाँचें

उस दिन के अपराह्न काल के लिए अपना शहर चुनकर मुहूर्त पेज देखें। तिथि की पुष्टि पंचांग पेज पर भी की जा सकती है।