दिवाली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को है। लक्ष्मी पूजन कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में करने की परंपरा है।
लक्ष्मी पूजन का अनुमानित मुहूर्त
प्रकाशित पंचांग स्रोतों के अनुसार दिल्ली के लिए प्रदोष काल मुहूर्त लगभग शाम 5:56 से रात 7:52 बजे के बीच बताया गया है। अलग-अलग पंचांग स्रोतों में स्थिर लग्न (वृषभ) के आधार पर समय-सीमा थोड़ी अलग-अलग दी जाती है, इसलिए यह एक अनुमानित सीमा है, ठीक मिनट नहीं।
पांच दिन का त्योहार
- 6 नवंबर: धनतेरस
- 7 नवंबर: छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)
- 8 नवंबर: दिवाली, लक्ष्मी पूजन
- 9 नवंबर: गोवर्धन पूजा
- 10 नवंबर: भाई दूज
पूजा में क्या रखें
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें, कमल का फूल, खील-बताशे, मिठाई और सिक्के थाली में सजाएं। व्यापारी परिवार बहीखाता और कलम भी पूजा में रखते हैं। दीये पूरे घर में, विशेषकर मुख्य द्वार और तुलसी के पास, जलाए जाते हैं।
अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें
प्रदोष काल का ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए यह हर शहर में कुछ मिनट अलग होगा। मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और चौघड़िया देखें, और पूजा राहु काल हटाकर शुभ समय में रखें।
अंतिम फैसला परिवार का
अगर स्थिर लग्न की खिड़की व्यावहारिक रूप से कठिन लगे, तो पूरे प्रदोष काल में किसी भी सुविधाजनक समय पूजा करना भी स्वीकार्य माना जाता है। नियमितता और भावना सटीक मिनट से ज़्यादा मायने रखती है।