धनतेरस 2027 में 27 अक्टूबर, बुधवार को है, यानी दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव का पहला दिन।

खरीदारी का सामान्य समय

प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि के दौरान सोना-चांदी, बर्तन और धनवंतरि पूजन के लिए शुभ माना जाता है। ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का करीब ढाई घंटे का समय होता है, ज़्यादातर परिवार इसी खिड़की में खरीदारी और पूजा दोनों निपटाते हैं।

धनवंतरि पूजन और कथा

धनतेरस भगवान धनवंतरि के प्रकट होने का दिन भी माना जाता है, जो समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। इसी कारण इस दिन स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़े लोग भी विशेष पूजा करते हैं। शाम को घर के बाहर यम के नाम से एक दीपक जलाने की परंपरा भी है, जो नरक चतुर्दशी की तैयारी का हिस्सा है।

क्या खरीदा जाता है

सोना-चांदी के सिक्के या आभूषण, पीतल-तांबे के नए बर्तन, और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती हैं। झाड़ू खरीदना दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना जाता है। जो परिवार सोना-चांदी नहीं खरीद पाते, वे स्टील का एक छोटा बर्तन या सिक्का लेकर भी परंपरा निभाते हैं, राशि से ज़्यादा नीयत मायने रखती है।

अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें

मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और राहु काल देखें। त्रयोदशी तिथि की अवधि पंचांग पेज पर भी देखी जा सकती है।