धनतेरस 2026 में 6 नवंबर, शुक्रवार को है, यानी दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव का पहला दिन।

खरीदारी का अनुमानित मुहूर्त

प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि के दौरान सोना-चांदी, बर्तन और धनवंतरि पूजन के लिए शुभ माना जाता है। प्रकाशित पंचांग स्रोतों में दिल्ली के लिए अनुमानित समय-सीमा शाम 5:33 से 7:24 बजे के बीच बताई गई है, हालांकि कुछ स्रोत थोड़ी अलग समय-सीमा भी देते हैं, इसलिए यह एक अनुमानित खिड़की है, ठीक मिनट नहीं।

क्या खरीदा जाता है

सोना-चांदी के सिक्के या आभूषण, पीतल-तांबे के नए बर्तन, और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती हैं। झाड़ू खरीदना दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना जाता है।

धन्वंतरि पूजन

धनतेरस भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने का दिन भी माना जाता है, जो समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण चिकित्सा और आयुर्वेद से जुड़े परिवार इस दिन विशेष पूजा करते हैं। शाम को घर के मुख्य द्वार पर यम के नाम से एक दीपक जलाने की परंपरा भी है, जो अगले दिन नरक चतुर्दशी की तैयारी का हिस्सा है।

अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें

प्रदोष काल का ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है। मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और राहु काल देखें, और खरीदारी राहु काल हटाकर करें।

अंतिम फैसला आपका

अगर प्रदोष काल की खिड़की व्यावहारिक रूप से कठिन लगे, जैसे देर रात या काम के घंटों के दौरान, तो त्रयोदशी तिथि के भीतर किसी भी सुविधाजनक समय खरीदारी करना भी स्वीकार्य माना जाता है।