भाई दूज 2027 में 31 अक्टूबर, रविवार को है, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन, दिवाली उत्सव के समापन का दिन।
पर्व का महत्व
यह भाई-बहन के स्नेह का पर्व है, यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा से जुड़ा हुआ। कहा जाता है कि लंबे समय बाद यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए, और यमुना ने उनका तिलक, माला और मिठाई से स्वागत किया। बहन की भक्ति से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन से तिलक लगवाएगा, उसे दीर्घायु मिलेगी। मथुरा में यमुना नदी पर आज भी इस दिन बड़ी भीड़ जुटती है।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को अलग नामों से जाना जाता है, बंगाल में भाई फोंटा, महाराष्ट्र में भाऊ बीज। कहीं रोली-चावल का तिलक लगाया जाता है, कहीं चंदन का। रीति थोड़ी बदलती है, भावना वही रहती है।
विदेश में रहने वाले भाई-बहनों के लिए
जो परिवार अलग-अलग देशों में बसे हैं, उनके लिए भाई दूज की दूरी सबसे ज़्यादा खलती है। बहन पुणे में है, भाई ह्यूस्टन में, और तिलक वीडियो कॉल पर तो हो नहीं सकता। कुछ परिवार पहले से तिलक की सामग्री कूरियर से भेज देते हैं, कुछ किसी चचेरे भाई-बहन या पारिवारिक मित्र को बीच में रखते हैं। समय का अंतर भी असर डालता है, भारत अमेरिका के पश्चिमी तट से करीब साढ़े दस घंटे आगे है, ऐसे में सही मुहूर्त पता होने से कम से कम कॉल का समय शुभ काल में रखा जा सकता है।
तिलक का सामान्य समय
तिलक अपराह्न काल में करना शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पांच भागों में बांटा जाता है, और अपराह्न काल इसका चौथा हिस्सा है। 31 अक्टूबर 2027 को ज़्यादातर भारतीय शहरों में यह समय दोपहर बाद के आसपास आएगा, पर सटीक मिनट आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं। अगर काम या समय-अंतर की वजह से अपराह्न काल में तिलक संभव न हो, तो दिन में किसी भी समय करना भी शुभ माना जाता है, मुहूर्त आदर्श है, अनिवार्य नहीं।
तैयारी में क्या चाहिए
थाली में रोली, चावल, दीया और मिठाई रखी जाती है। बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारती है और मिठाई खिलाती है, भाई बदले में उपहार देता है, नकद या बहन की पसंद की कोई चीज़। विदेश में रोली न मिले तो ज़्यादातर भारतीय किराना दुकानों पर छोटी पूजा किट मिल जाती है जिसमें रोली-चावल दोनों होते हैं। मुश्किल में हल्दी और नींबू की एक बूंद मिलाकर भी रोली जैसा रंग बनाया जा सकता है, भावना रंग से बड़ी है।
अपने शहर के लिए समय जांचें
मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का अपराह्न काल देखें। पंचांग पेज पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि की पुष्टि भी कर सकते हैं।