भाई दूज 2026 में 10 नवंबर, मंगलवार को है, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन, दिवाली उत्सव के समापन का दिन।
पर्व का महत्व
यह भाई-बहन के स्नेह का पर्व है, यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा से जुड़ा हुआ। मान्यता है कि यमुना के आग्रह पर यमराज ने इस दिन बहन के घर भोजन किया था, इसलिए इस दिन बहन के हाथ का तिलक और भोजन शुभ माना जाता है। बंगाल में इसे भाई फोंटा, महाराष्ट्र में भाऊ बीज और नेपाल में भाई टीका कहा जाता है।
तैयारी में क्या चाहिए
थाली में रोली, अक्षत, दीया और मिठाई रखी जाती है। बहन तिलक लगाकर आरती उतारती है, भाई बदले में उपहार देता है। विदेश में रहने वाले भाई-बहनों के लिए यह दिन दूरी सबसे ज़्यादा महसूस कराता है, कुछ परिवार पहले से तिलक किट भेज देते हैं तो कुछ वीडियो कॉल पर रस्म निभाकर बाद में मिलने पर दोहराते हैं।
तिलक का सामान्य समय
तिलक अपराह्न काल (दोपहर बाद) में करना शुभ माना जाता है। ठीक समय आपके शहर के अनुसार बदलता है।
अपने शहर के लिए समय जांचें
मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का अपराह्न काल देखें। तिथि की पुष्टि पंचांग पेज पर भी की जा सकती है।