चंद्र मास सौर वर्ष से थोड़ा छोटा होता है, इसलिए हर 32-33 महीने में एक अतिरिक्त चंद्र मास जोड़ा जाता है ताकि त्योहार सही मौसम में बने रहें। इसे अधिक मास या मलमास कहा जाता है। 2026 में यह अतिरिक्त मास ज्येष्ठ के रूप में आ रहा है, इसलिए इस साल ज्येष्ठ दो बार पड़ेगा।

अधिक मास कैसे तय होता है

एक चंद्र मास में अगर सूर्य किसी भी राशि में संक्रमण (राशि परिवर्तन) नहीं करता, तो वह मास अधिक (अतिरिक्त) मास माना जाता है। यह नियम हमारे मास इंजन में सीधे लागू किया गया है, कोई अनुमान नहीं।

2026 की सटीक तारीखें

हमारे मास इंजन से गणना करने पर:

  • अधिक ज्येष्ठ: 17 मई से 15 जून 2026 तक
  • निज (सामान्य) ज्येष्ठ: 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक

अधिक मास में क्या टाला जाता है

परंपरा में अधिक मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और नई शुरुआत जैसे शुभ कार्य टाले जाते हैं। इस साल यह अवधि 17 मई से 15 जून तक है।

अधिक मास में क्या किया जाता है

शुभ कार्य भले टाले जाएं, पर धार्मिक दृष्टि से अधिक मास को बेहद पुण्यदायी माना जाता है, इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित है। इस महीने दान, जप, कथा-श्रवण और तीर्थ यात्रा करना विशेष फलदायी माना जाता है, कई परिवार इस दौरान रोज़ भागवत कथा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं।

अपनी तारीख जांचें

किसी खास दिन का मास और तिथि जानने के लिए पंचांग पेज पर देखें।